टीवी से निकलती फुटबॉल की गेंद आपके सिर से टकराने को बेताब नजर आए, तो एक ही पल में आप चकरा जाएंगे। अपने सर को एक झटके से बचाएंगे, फिर भी न फुटबॉल टकराएगी और न ही चोट लगेगी। 3डी का यह जादू जल्द ही टीवी पर भी चलने वाला है। टीवी के जरिए 3डी क्रांति अब घर-घर तक पहुँचने की तैयारी कर रही है। टेलीविजन की शुरूआत जब हुई किसी ने सोचा तक नहीं था कि टीवी कभी 3डी होगा। लेकिन 2011 के विश्व खेलों का प्रसारण नया क्रांतिकारी अध्याय लिखेगा। ईएसपीएन की ओर से खेलों का 3डी प्रसारण किया जाएगा। अब दर्शक फुटबॉल के मैच का सीधा प्रसारण 3डी तकनीक के साथ मैदान में होने के एहसास के साथ देखेंगे।
टीवी पर 3डी क्रांति को मुकाम देने के लिए ईएसपीएन ही नहीं, डिस्कवरी कम्यूनिकेशंस, सोनी और आईमैक्स जैसी कंपनियों ने भी 24 घंटे, सातों दिन अपने 3डी चैनलों के प्रसारण की तैयारी शुरू कर दी है। इस कडी में सबसे पहले ईएसपीएन 11 जून से लगभग 85 खेलों के कार्यक्रम दिखाने की तैयारी में जुट गया है। इसमें सबसे पहले साउथ अफ्रीका मैक्सिको वल्र्ड कप इतिहास का पहला अध्याय लिखने जा रहा है। खेल विशेषज्ञ भी इसे खेल की दुनिया में हैरतअंगेज प्रयोग मान रहे हैं, जिससे खेलों में एक नया रोमांच देखने को मिलेगा।
इस 3डी क्रांति की शुरूआत के साथ ही 3डी टीवी खरीदने की कवायद भी बढेगी। हालांकि देश के कई बडे शहरों में इसी साल जनवरी से 3डी टीवी बाजार में मिलने लगे हैं। टीवी पर 3डी मैच और कार्यक्रम के लिए इस खास टीवी के साथ नया सेट टॉप बॉक्स और 3डी चश्मा पहनना भी जरूरी होगा। दिलचस्प बात यह भी है कि सस्ते से लेकर महंगे तक मिलने वाले चश्मों में जितना महंगा चश्मा होगा, 3डी टीवी पर प्रसारण भी उतना ही साफ नजर आएगा। बाजार में 3डी टीवी की अनुमानित कीमत दो लाख रूपए भारतीय बाजारों में बताई जा रही है। विशेषज्ञ इस क्रांति के जरिए टीवी दर्शकों को एक बार फिर आकर्षित करने का जरिया बता रहे हैं, वहीं यह भी माना जा रहा है कि 3डी टीवी पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों के निर्माण के खर्चो में भी खासी बढोतरी हो जाएगी। यानी महंगे टीवी का महंगा मजा चश्मा लगाकर आप भी देखने को अब तैयार हो सकते हैं।
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