टीवी से निकलती फुटबॉल की गेंद आपके सिर से टकराने को बेताब नजर आए, तो एक ही पल में आप चकरा जाएंगे। अपने सर को एक झटके से बचाएंगे, फिर भी न फुटबॉल टकराएगी और न ही चोट लगेगी। 3डी का यह जादू जल्द ही टीवी पर भी चलने वाला है। टीवी के जरिए 3डी क्रांति अब घर-घर तक पहुँचने की तैयारी कर रही है। टेलीविजन की शुरूआत जब हुई किसी ने सोचा तक नहीं था कि टीवी कभी 3डी होगा। लेकिन 2011 के विश्व खेलों का प्रसारण नया क्रांतिकारी अध्याय लिखेगा। ईएसपीएन की ओर से खेलों का 3डी प्रसारण किया जाएगा। अब दर्शक फुटबॉल के मैच का सीधा प्रसारण 3डी तकनीक के साथ मैदान में होने के एहसास के साथ देखेंगे। टीवी पर 3डी क्रांति को मुकाम देने के लिए ईएसपीएन ही नहीं, डिस्कवरी कम्यूनिकेशंस, सोनी और आईमैक्स जैसी कंपनियों ने भी 24 घंटे, सातों दिन अपने 3डी चैनलों के प्रसारण ...



स्कूल जाने के लिए बच्चों को आपने पैदल चलते, तो कभी साइकिल, ऑटोरिक्शा या फिर बस की सवारी करते कई बार देखा होगा। लेकिन यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि दुनिया में एक स्थान ऎसा भी है, जहां स्कूल जाना इतना आसान नहीं है। जी हां, यहां बच्चों को पहाडियों के बीच जिप तारों पर घिर्री की सहायता से लटकते हुए करीब 40 मील प्रति घंटे की गति से रास्ता तय करना पडता है, जिससे वे नियमित रूप से कक्षाओं तक पहुंच सकें। 'डेली मेल' की खबर के अनुसार कोलंबिया में रियो नेग्रो नदी से करीब 400 मीटर ऊंचाई पर इन तारों की व्यवस्था है। दूसरे छोर पर पहुंचने के लिए बच्चे आधे मील की दूरी तय करते हैं। राजधानी बोगोटा से 40 मील दक्षिण-पूर्व पर स्थित इस क्षेत्र में रह रहे कुछ परिवारों के लिए यहां एक घाटी को दूसरी घाटी से जोडने के लिए इस तरह के 12 ...
सरोवर के पानी में अपने आपको ही देखने के बाद नन्ही 'नुथाहच' शायद अपने प्रतिबिम्ब से यही कह रही हो ..मैं कितनी खूबसूरत हूँ..। इन तस्वीरों को खींचने के लिए फोटोग्राफर मार्क हैंकॉक्स को करीब एक महीने तक इंग्लैंड के शहर वर्सेटरशायर स्थित इस सरोवर के पास छुपकर इंतजार करना पडा। मार्क ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इन चिडियों को वे इस इलाके में देख रहे थे और ऎसे ही विस्मयकारी तस्वीरें खींचने का मौका ढूंढ रहे थे। इनकी विशिष्ट बात यह है कि इंग्लैंड की यही एक मात्र चिडिया है जो पेड से उतरते वक्त अपने सिर को नीचे रखती है।
शादी करने के बाद लोगों की जिंदगी में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया है कि शादी के बाद पुरूषों और महिलाओं के वजन में इजाफा होता है। उनके अनुसार पुरूषों में शादी के बाद अविवाहित पुरूषों की तुलना में पेट का घेरा बढने के चांस जहां तीन गुना ज्यादा होते हैं, वहीं शादीशुदा महिलाओं में कुंवारी लडकियों की अपेक्षा ऎसा होने की संभावना लगभग दोगुनी अधिक होती है। मेडिकल एसोसिएशन फॉर ओबेसिटी के निष्कर्षो में सामने आया है कि शादीशुदा युगलों में एबडोमिनल ओबेसिटी के मामले सेहत से जुडी सबसे बडी चुनौती के रूप में सामने आते हैं। इस अध्ययन में 20 से 70 आयुवर्ग के 17341 लोगों को शामिल किया गया। एसोसिएशन के प्रेसीडेंट ने इसके परिणामों का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि यदि आप किसी को शादी के अवसर पर उपहार का चयन करने में असमंजस अनुभव कर ...


