दाम्पत्य जीवन को खुशहाल एवं मधुर बनाने के लिए, साथ ही लंबे समय तक पति-पत्नी के रिश्ते को भी मजबूती प्रदान करने के लिए जीवन मे मानसिक एवं वैचारिक रूप से एक दूसरे सामंजस्य ज़रूरी है, लेकिन स्वस्थ एवं संतुलित सेक्स जीवन न केवल दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाता है, बल्कि मानसिक एवं वैचारिक रूप से एक दूसरे की सामंजस्यता का आधार है| अपनी सेक्स लाइफ को सुखमय बनाए रखने के लिए नीचे लिखे बिंदुओं पर भी एक नज़र डालिए....
** अधिकतर एक बात मे आमराय यह होती है कि बच्चो के जन्म के बाद पत्नी को सेक्स में रूचि नही रह जाती, जो कि सरासर गलत है, अपितु महिलाओं मे संबंध बनाने कि इच्छा बच्चो के जन्म के बाद बढ जाती है इसका कारण है शरीर का ज्यादा सेंसिटिव होना।
** पति पत्नी के बीच आपसी संवाद प्यार और रिश्ते की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है, इससे सेक्स लाइफ में भी सुधार होता है, क्योकि बातचीत आपको करीब लाती है इनके अभाव में रिश्ता पनप नही पाता।
** समय के अनुसार पति पत्नी दोनो को सेक्स के लिए पहल करना चाहिए, अक्सर महिलाएं एक तरफ़ा ऎसा करने से हिचकिचाती है पर घ्यान रहे, आपका पहल करना उन्हें सुखद एहसास में डुबा देता है यदि बच्चे छोटे है तो सेक्स लाइफ में मुश्किलें भी आती है और महिलाएं इतनी खुली व रिलैक्स भी नही रह पाती, ऎसे में बच्चों के सोने का इंतजार करने से अच्छा है जब भी मौका लगे, प्यार में खो जाएं।
** कई बार महिलाएं समझ नही पाती कि कौन सी चीज उन्हें उत्तेजित करती है,पहले खुद ही पता लगाएं कई बार वे जानकर भी बताने से शरमाती है अत: खुद ही कल्पना करें व एन्जॉय करें, जब सहज लगे, तब पति को बताएं इससे मस्ती में आसानी होती है।
** शरीर का बेडौल होना या शेप में न होना कई बार महिलाओं में हीनता की भावना भर देता है, इसका एक कारण टीवी तथा फिल्मों में जीरों फिगर को महत्व दिया जाना है, याद रखें वास्तविक जीवन फिल्मों से बहुत अलग है आत्मविश्वास बनाए रखें तभी आप पति से जुड पाएंगी हां संयमित खानपान व व्यायाम के जरिए सुडौल शरीर पाने की कोशिश अवश्य करें।
** बच्चें होने के बाद उनकी देखभाल व घर के कामकाज महिलाओं को बहुत थका देते है उन्हे सेक्स की इच्छा ही नही रह जाती, अपने आराम के लिए अवश्य समय निकालें, तभी आपका सेक्स जीवन संतुष्टिपूर्ण होगा, चिडचिडाहट नही होगी और आप खुश रहेंगी।
** सेक्स मे आप क्या चाहती है, आपको क्या अच्छा लगता है, ये पति को बताएं, इस जानकारी का आदान प्रदान अप्नत्त्व के समय पर होना चाहिए, सेक्स के दौरान नही जब आप दोनों रिलैक्स हो, सही समय हो और मूड भी हो, क्योंकि इन बातो के लिए सही समय होना बहुत जरूरी है।
** एक-दूसरे के साथ का आनंद लें, धीरे-धीरे प्यार की ओर बढें, सेक्स से पूर्व काफी देर तक किया गयी मस्ती दोनों को चरम संतुष्टि देता है।
** आजकल अलग-अलग रंगो व खुशबुओं में कंडोम मिलते है ये कई प्रकार के होते है, जैसे चिकनाईयुक्त एवं हल्की दानेदार, इससे आरंभिक मस्ती के दौरान उत्तेजना और आनंद बढता है अत: इसका उपयोग करें।
** सेक्स संबंघी किताबों,फिल्मों,कहानियों में सेक्स को बढा-चढाकर बताया जाता है। सत्य यह है कि नियमित रूप से सामान्य कपल्स हफ्ते में एक या दो या इससे भी कम बार सेक्स करते है। अतिशयोक्ति पर विश्वास न करें, घ्यान रखें, ज़्यादा संबध बनाने की अपेक्षा स्वस्थ एवं आनंददायी संतुष्टिपूर्ण संबध महत्वपूर्ण होती है।
** सेक्स लाइफ मे चरमोत्कर्ष एक आनंददायी संतुष्टिपूर्ण अनुभव है, कई जोडे इस बात से नाराज रहते है कि दोनों एक साथ चरमोत्कर्ष पर नही पहुंचते ऎसा हो सकता है परंतु इससे कोई फर्क नही पडता महिलाएं एक से अधिक बार आनंद का अनुभव करती है।
** अच्छी सेक्स लाइफ के लिए आपका शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है, इसके लिए महत्वपूर्ण संयमित खानपान, थोडी बहुत एक्सरसाइज भरपूर नींद और ज्यादा चाय,कॉफी,सिगरेट या शराब का सेवन न करना।
** सस्ती सेक्स किताबों, पोर्नोग्राफिक फिल्मों और समाचार पत्रों मे आए दिन कई विज्ञापनों मे लिंग के आकार या लंबाई को बढा-चढाकर एवं कम लंबाई को एक समस्या के रूप में दिखाया जाता है जिससे युवावर्ग भ्रमित हो जाता है और तनावग्रस्त होकर उल्टे-सीधे उपाय करने लगता है ये सब गलत है छोटे आकार से आनंद में कोई फर्क नही पडता, क्योंकि योनि का केवल एक तिहाई भाग ही सेंसिटिव होता है अत: सही सेक्स पोजीशन में छोटा लिंग भी पूरी तरह चरमोत्कर्ष एवं आनंद दे सकता है।
** सेक्स करते समय किसी और पुरूष की कल्पना उत्तेजित करती है और सेक्स का आंनद बढाती है अत: कल्पना करें,इसके लिए मन में किसी तरह का अपराघबोघ न आने दे. इसमें कोई बुराई नही है।
** यदि पति-पत्नी दोनों कामकाजी है, व्यस्त है या रात को देर से आते है, तो उनकी सेक्स लाइफ न के बराबर होती है। ऎसे में बेहतर होता है कि सुबह उठकर फ्रेश मूड में सेक्स का आनंद उठाएं।
** शादी के कुछ सालों के बाद सेक्स लाइफ बेजार होने लगती है, इसलिए इसे अलग-अलग स्तितियों मे अलग अलग जगहों मे करें. कुछ ऎसा जो जिंदगी में रंग भर दे।
** सेक्स दोनों को शारीरिक ही नही मानसिक रूप से भी करीब लाता है यही जुडाव दांपत्य जीवन की नींव है. खुद का घ्यान रखना, संवरना, खूबसूरत दिखना जरूरी है।
** बढती उम्र के साथ-साथ सेक्स लाइफ को जीवंत रखना एक चुनौती है. इसके लिए एक दूसरे को ज़्यादा समय देना और मस्ती का समय एवं नए तरीके आजमाएं, अपने पुराने दिनों को याद करें, परंतु सेक्स करना बंद ना करें।
** यदि सेक्स की इच्छा है परंतु आप बहुत थके हुए व तनावग्रस्त महसूस कर रहे है तो डरावनी या आती उत्तेजक फ़िल्मे देखें या कप कॉफी पीएं, आपका दिल जोरों से घडकने लगेगा इससे शरीर में एड्रीनलीन की मात्रा बढ जाएगी, यही वह केमिकल है, जो उत्तेजना पैदा करती है।
** सिगरेट व शराब सेक्स कि क्रिया को प्रभावित करते है, क्योंकि इनका सीधा संबंघ आपके शारीरिक उत्तेजना पर पडता है इससे उत्तेजना, योनि की चिकनाहट और सेसेशन कम होता है. शराब व सिगरेट पुरूषों व महिलाओं दोनों पर समान असर डालती है।
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