छत्तीसगढ़ के दंतेव़ाडा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कम से कम पांच शिविरों के निकट मंगलवार रात नक्सलियों द्वारा की गई गोलीबारी के बाद बुधवार त़डके से राज्य के पुलिसकर्मी दंतेव़ाडा के जंगलों में गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं। महज दो सप्ताह पहले दंतेव़ाडा में ही नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 75 जवानों सहित 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक टी.जे.लोंगकुमार ने बताया, ""सीआरपीएफ के पांच शिविरों पर हमला करने वाले नक्सलियों को पक़डने के लिए पुलिसकर्मी दंतेव़ाडा में नक्सलियों के प्रभाव वाले जंगलों में गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं।"
" संघम सदस्यों की मदद से नक्सलियों ने मंगलवार रात सीआरपीएफ के पांच शिविरों के समीप गोलीबारी की। जिस पर जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ।
दंतेव़ाडा के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्र ने बताया,"ऎसा लगता है कि यह गोलीबारी जवानों को उकसाने के मकसद से की गई।"" मिश्र के अनुसार चिंतागुफा, इराबोरे, पोल्लमपल्ली, भेज्जी और कांकेरलंका इलाकों में स्थित सीआरपीएफ शिविरों पर गोलीबारी की गई। ये सभी शिविर दंतेव़ाडा में स्थित हैं। इससे पहले गत छह अप्रैल को नक्सलियों ने सीआरपीएफ के 75 जवानों और एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी। चार दशक से ज्यादा अर्से पहले शुरू हुई नक्सल विरोधी अभियान में यह सबसे जघन्य हमला था। छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र 1980 के दशक के आखिरी से ही नक्सलियों का गढ़ बना हुआ है।
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